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अजमेर राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • पर्यटक उद्योग को निर्धूम उद्योग कहते है।प्राय: देखा जाता है कि भारत में आने वाला प्रत्येक तीसरा पर्यटक राजस्थान भ्रमण के लिए अवश्य आता है ।अपनी ऐतिहासिक विरासत एवं सांस्कृतिक धरोहर के कारण पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान अग्रणी राज्य में से एक है । विश्व के पर्यटन मानचित्र पर राजस्थान विशेष महत्व रखता है इसी कारण राजस्थान को सैलानियों का स्वर्ग कहा जाता है। 

अजमेर: में हिंदुओं और मुस्लिम समाज के बहुत दर्शनीय स्थल है जहां आए साल लाखों टूरिस्ट

आते है ये स्थल राजस्थानी संस्कृति की अनूठी पहचान पेश करती है हम आपको आज यह कुछ अजमेर के ऐसे पर्यटक स्थल के बारे में बताएंगे जहां आपको जरूर जाना चाहिए।

 

  1. अढ़ाई दिन का झोपड़ा 



 


  1.  मूल रूप से अढ़ाई दिन का झोपड़ा कहलाने वाली कहलाने वाली इमारत एक संस्कृत महाविद्यालय था जो विग्रह राज। चतुर्थ ने बनवाई थी , परन्तु बाद में मुहम्मद गौरी के सेनापति कुतुबद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में तब्दील करवा दिया।

 

  • इसका ये नाम पढ़ने के पीछे एक किंवदंती है कि इस इमारत को महाविद्यालय से मस्जिद में तब्दील करने में सिर्फ अढ़ाई दिन लगे थे ,इसलिए इसका नाम अढ़ाई दिन का झोंपड़ा पड़ा।


 


 

  •  2. ख्वाजा साहब की दरगाह



  

 सर्वप्रथम यहां पर पक्की मजार का निर्माण मांडू के सुल्तान गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। बुलंद दरवाजा जो 85 फिट ऊंचा है इसको पार करने पर दो बड़ी डेज है जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगती है इसमें से बड़ी देग का निर्माण अकबर ने करवाया था और छोटी देग का निर्माण जहांगीर ने करवाया था। अजमेर में ये प्रमुख दर्शनीय स्थल है ।

3. आनासागर झील:  

 

यह एक कर्त्रिम झील है जिशे राजा अजयपाल ने चौहनों के पुत्र और्णोराज चौहान ने करवाया था एस झील के नीकट दौलत बाग ,मुगल सम्राट जनहगीर ने बनवाई थी.

  • 4 सोनिजी की नासियाँ

 

19 वीं सदी में यह जैन मंदिर , यह भारत के समृद्ध मंदिरों मे से एक है इसके मुख्य कक्ष को सवर्ण नागरी नाम दिया गया है इसका प्रवेश द्वार लाल पत्थर से बना हुआ है 

प्रथम जैन तीर्थकर आदिनाथ को समर्पित एस भव्य जैन मंदिर का निर्माण सेठ मूलचंद सोनी द्वारा कराया है ये 1865 में बनकर पूरा हुआ  इसके अंदर  संगमरमर की दिवारे बनी हुई है जिन पर कास्ठ कलाकृतियाँ बनी हुई है तथा सुद्ध सवर्ण पत्रो से जैन तीर्थकरों की मूर्तियाँ अंकित की गई है

5. पुष्कर सरोवर 


तीर्थराज के नाम से प्रसिद्ध पुष्कर सरोवर सभी तीर्थसथलों का राजा कहलाता है एसी मान्यता है की ईस सरोवर मे डुबकी लगाने पर तीर्थ यात्रा सम्पन्न मनी जाती है 

पुष्कर झील के तट पर 52 घाट बने हुए है जहा प्रतिवर्ष कार्तिक शूकल एकादशी से पुर्णिमा तक एक सांस्कृतिक मेले का आयोजण होता है यह राजस्थान की सबसे पवित्र झील है  ईस झील में महातम गांधी की अस्थियाँ विसर्जित की गई थी,इसे पाँचवाँ तीर्थ या तीर्थराज औरतीरथों का मामा भी कहते है 

अगर आप ट्रेन से अजमेर आ रहे हो तो आने-जाने का खर्चा दिल्ली से अजमेर – ₹300-₹1500, मुंबई से अजमेर – ₹400-₹2000 जयपुर से अजमेर – ₹100-₹500 रुपये तक का हो सकता है वही पर अगर आप बस से अजमेर आ रहे हो तो जयपुर से अजमेर – ₹200-₹500, दिल्ली से अजमेर – ₹500-₹1500 रुपये तक का हो सकता है।


रुकने का खर्चा


अजमेर में आप अगर किसी सामान्य धर्मशाला में या फिर हॉस्टल में रहते है तो आपको प्रति रात्रि ₹500-₹1,500 तक देना होता है। 2-3 सितारा होटल या आरामदायक गेस्टहाउस के लिए प्रति रात्रि ₹2,000-₹4,000 औरहाई-एंड होटल और रिसॉर्ट्स के लिए ₹5,000 और उससे अधिक का चार्ज होता है।


दरगाह के पास ₹300-₹700 में धर्मशालाएं सस्ते में मिल जाती हैं। अगर आप पुष्कर भी जा रहे हैं, तो वहां होस्टल/गेस्टहाउस ₹500-₹2000 तक मिल सकते हैं।


भोजन का खर्चा


अजमेर में स्ट्रीट फूड और स्थानीय भोजनालय में अगर आप खाना खाते हो तो आपको ₹200-₹500 प्रति दिन का खर्चा हो सकता है। मध्य-श्रेणी के रेस्तरां के लिए ₹500-₹1,000 प्रति दिन और हाई-एंड डाइनिंग, महंगे रेस्तरां में प्रति दिन ₹1,500-₹3,000 का खर्चा हो सकता है।


आप अजमेर के लोकल फूड ट्राई करें।


कढ़ी कचौरी (₹30-₹50)

मालपुआ (₹50-₹100)

दाल बाटी चूरमा (₹150-₹250)

रबड़ी और घेवर (₹100-₹200)

लोकल ट्रांसपोर्ट खर्चा


अजमेर में घूमने के लिए ऑटो/रिक्शा का किराया ₹10-₹200, कैब (उबर/ओला/लोकल टैक्सी) का किराया ₹500-₹1500 और रेंटल बाइक/स्कूटी का किराया ₹300-₹600 प्रति दिन हो सकता है।


औसत दैनिक बजट (प्रति व्यक्ति)

बजट यात्रा: ₹800-₹2,000

मध्य यात्रा: ₹2,500-₹5,000

लक्ज़रीअस यात्रा: ₹6,000 और अधिक

 








 

 


  

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